टखनों से नीचे पाजामा, पतलून या लुंगी वगैरह जानबूझकर लटकाना कतई नाजायज़ और सख्त गुनाह है, अहादीस शरीफ़ा में इसके बारे में सख्त वईदें (चेतावनियां) आई हैं। (किताबुन नवाज़िल / जिल्द: 15 / सफ़हा: 344)
शागिर्द (छात्र) ग़ौर से सुन रहा था।
उस्ताद (शिक्षक) ने पूछा, "अगर मैं तुम्हें एक सेब, और एक सेब, और एक सेब दूँ, तो तुम्हारे पास कितने सेब हो जाएंगे?"
शागिर्द ने बिना किसी झिझक के जवाब दिया, "4।"
उस्ताद को लगा कि शायद शागिर्द सवाल ठीक से समझ नहीं पाया। उस्ताद ने इत्मीनान से दोबारा पूछा...
"देखो...