रिज़्क़ (रोजी) की तंगी की वजह से हमल साक़ित कराना (गर्भपात कराना)?
रिज़्क़ की तंगी के ख़तरे से इस्क़ात-ए-हमल (गर्भपात) किसी भी हाल में जाइज़ नहीं है; बल्कि इस मक़सद से इस्क़ात कराने में (तंगदस्ती के अंदेशे से) क़ुरआन करीम में औलाद को क़त्ल करने से सख़्ती से मना किया गया है, और अगर माँ की सख़्त कमज़ोरी या दूध पीते बच्चे की परवरिश में ख़लल पड़ने का ख़तरा हो तो 120 दिन के अंदर-अंदर मजबूरी में इसकी गुंजाइश है, इस मुद्दत (अवधि) के बाद इजाज़त नहीं है। (किताब-उन-नवाज़िल/जि: 16/पृ: 266)