मुहक्कक मसाला

हिन्दू और मुस्लिम की लाश जल कर कोयला बन गई, अब नमाज़ किस पर पढ़ी जाए?

सूरत-ए-मस्ऊला (पूछे गए मामले) में दोनों लाशों को किसी पाक कपड़े में लपेट कर दफ़न कर दिया जाएगा, न उनको ग़ुस्ल दिया जाएगा और न नमाज़ पढ़ी जाएगी। (किताब-उन-नवाज़िल/जि: 6/पृ: 120)

मैं अपनी स्मृति में तुम्हारे बारे में सब कुछ भुला दूंगा।
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मैं अपनी स्मृति में तुम्हारे बारे में सब कुछ भुला दूंगा।

हज़रत यह्या बिन मुआज़ रहमतुल्लाही अलैहि, जिनको हक़ायक़ व दक़ायक़ (आध्यात्मिक सच्चाइयों और बारीकियों) पर मुकम्मल दस्तरस (पूर्ण नियंत्रण) हासिल थी, और जिनके मुतअल्लिक़ (बारे में) कुछ बुज़ुर्गों का कहना है कि जिस तरह अम्बिया (पैगंबरों) में हज़रत यह्या बिन ज़करिया अलैहिमुस्सलाम का मक़ाम है, उसी तरह बुज़...

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