बा जमाअत नमाज़ में बिल्कुल सीधे इस तरह मिल कर खड़े हों कि एक दूसरे के बाजू मिले हों, दरमियान (बीच) में कोई खाली जगह या फासला न रहे।
(1) अन नोमान बिन बशीर काल: कान रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम युसव्वी सुफूफना हत्ता कअन्नमा युसव्वी बिहल-क़िदाह - अल हदीस (सहीह मुस्लिम)
तर्जुमा: हज़रत नोमान बिन बशीर रज़ियल्लाहु अन्हु बयान करते हैं कि रसूल-ए-ख़ुदा सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम हमारी सफ़ों के सीधे करने में इस क़दर एहतिमाम फ़रमाते थे गोया इन सफ़ों से तीर सीधे किए जाएंगे। (मसाइल-ए-नमाज़ / पृ: 8)