मुहक्कक मसाला

सूद ख़ोर (ब्याज खाने वाले) और रिश्वत लेने वाले की दावत-ए-इफ़्तार का हुक्म?

ऐसा मुसलमान जिसकी आमदनी मश्कूक (संदिग्ध) हो, यानी वह सूद ख़ोर है, रिश्वत लेता है, या दीगर नाजाइज़ सियासी ज़राए (राजनीतिक साधनों) से आमदनी पैदा करता है, ऐसे शख़्स की ग़ालिब (अधिकांश) आमदनी अगर हलाल है तो उसकी दावत-ए-इफ़्तार क़ुबूल करना जाइज़ है, और अगर ग़ालिब आमदनी हराम है तो उसकी दावत-ए-इफ़्तार क़ुबूल करना जाइज़ नहीं है। (फ़तावा एहया-उल-उलूम, पृ: 237) (किताब: किताबुन नवाज़िल / जि: 6 / पृ: 347)

शुक्र अदा करने के फायदे और इसकी अहमियत
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शुक्र अदा करने के फायदे और इसकी अहमियत

शुक्र अदा करने का एक फायदा तो यह होगा कि आपकी की हुई इबादत अल्लाह के हुज़ूर में क़बूल व मंज़ूर होगी क्योंकि अल्लाह को शुक्र बड़ा पसंद है। दूसरा फायदा यह होगा कि अल्लाह की तरफ से इबादत की मज़ीद (और ज़्यादा) तौफ़ीक़ मिलेगी। चुनाँचे अल्लाह तआला ख़ुद फ़रमाते हैं: 'अगर तुम शुक्र करोगे तो हम तुम्हें वह ने...

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