नमक से खाने की शुरुआत करना और नमक पर ही खाने को खत्म करना सुन्नत होना फ़िक़्ह की किताबों में तो ज़िक्र है, लेकिन इस बारे में किसी सहीह (प्रामाणिक) हदीस के मौजूद न होने की वजह से इसे मुस्तहब यानी महबूब और पसंदीदा कहना दुरुस्त होगा, मगर सुन्नत कहना सही नहीं है। (किताब: अहम मसाइल / पृष्ठ: 215)