मुहक्कक मसाला

अगर कोई शख़्स इमाम के रुकू से सिर उठाने से पहले-पहले एक लम्हा भी इमाम को रुकू में पा ले, भले ही यह लम्हा एक तस्बीह से कम हो, तो वह उस रकात को पाने वाला समझा जाएगा। अलबत्ता अगर इमाम रुकू से उठने की हालत में हो, और मुक़्तदी रुकू में जाने की हालत में हो, तो वह रकात को पाने वाला नहीं होगा, लिहाज़ा उसे रकात दोहराना लाज़िम होगा। (अहम मसाइल / जि.: 3 / पृष्ठ: 72)

मक्खी की पैदाइश के पीछे की हिकमत (बुद्धिमत्ता)
लेख

मक्खी की पैदाइश के पीछे की हिकमत (बुद्धिमत्ता)

खुरासान का बादशाह शिकार खेलकर वापस आने के बाद तख्त पर बैठा था, थकावट की वजह से उसकी आँखें बोझिल हो रही थीं। बादशाह के पास एक गुलाम हाथ बांधे अदब के साथ खड़ा था। बादशाह को सख्त नींद आई हुई थी, मगर जब भी उसकी आँखें बंद होतीं, तो एक मक्खी आकर उसकी नाक पर बैठ जाती थी। नींद और बे-खयाली (अचेतन अवस्था) की...

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