अगर कोई शख्स ठीक किसी के पीछे नमाज़ की नीयत बांध कर खड़ा हो जाए, तो आगे वाला शख्स अपनी ज़रूरत के लिए वहां से खिसक सकता है, और यह खिसकना ममनू-ए-मुरूर (नमाज़ी के आगे से गुज़रने की मनाही) में शामिल नहीं है। (अहम मसाइल / जि.: 5 / पृष्ठ: 115)
हज़रत मौलाना अशरफ़ अली थानवी साहब (रहमतुल्लाह अलैह) की मशहूर तसनीफ़ (पुस्तक) 'हयातुल मुस्लिमीन' के शुरू में "तसहील-ए-मुक़द्दमा" के उनवान (शीर्षक) से मुफ़्ती मोहम्मद शफ़ी साहब (रहमतुल्लाह अलैह) का एक अहम मुक़द्दमा (प्रस्तावना) शामिल है। इसमें हज़रत मुफ़्ती साहब ने आलम-ए-इस्लाम (इस्लामी दुनिया) और मुस...