अगर कोई शख्स नमाज़ में या ग़ैर-नमाज़ में सजदा की मसनून हालत को छोड़ कर इस तरह सोए कि उसकी कोहनियां ज़मीन पर टिकी हुई हों, और पेट रानों से लगा हुआ हो, और इसी हालत में उसे नींद आ जाए, तो उसका वुज़ू बाक़ी नहीं रहेगा। (अहम मसाइल / जि.: 7 / पृष्ठ: 48)
मौलाना रूमी ने सुल्तान महमूद गज़नवी का एक अजीब वाक़या लिखा है जो बड़ा इब्रत-खेज़ (عبرت خیز - शिक्षाप्रद) और सबक़-आमोज़ है। वह यह कि सुल्तान महमूद गज़नवी के ज़माने में चोरों का कुछ ज़ोर बढ़ गया था, और बादशाह इस वजह से परेशान था। चोरों को पकड़ने के लिए उसने एक अजीब तरकीब निकाली कि शाही लिबास उतारकर चो...