मुहक्कक मसाला

कुछ लोग सड़कों पर लगी हुई सबील (प्याऊ) या मस्जिद में रखे हुए कूलर वगैरह का पानी खड़े होकर पीते हैं, उनका यह अमल मकरूह-ए-तन्ज़ीही है, क्योंकि पानी बैठकर पीना चाहिए। हाँ! अगर भीड़-भाड़ की वजह से बैठने की जगह न हो, या कीचड़ की वजह से कपड़े खराब होने का अंदेशा हो, या इस तरह का कोई और उज़्र (मज़बूरी) हो, तो खड़े होकर पीना बिना कराहत के जायज़ होगा। (अहम मसाइल / जि: 5 / पृ: 269)

बुद्धिमत्ता का इनाम: राजा और समझदार बूढ़ी औरत की कहानी
लेख

बुद्धिमत्ता का इनाम: राजा और समझदार बूढ़ी औरत की कहानी

एक राजा ने ऐलान कर रखा था कि जो कोई भी अच्छी और हिकमत (बुद्धिमत्ता) की बात कहेगा, उसे चार सौ दीनार (सोने के सिक्के) दिए जाएंगे...!!!! एक दिन राजा अपनी प्रजा की देखभाल करने निकला। उसने देखा कि एक नब्बे साल की बूढ़ी औरत जैतून (ऑलिव) के पौधे लगा रही है। राजा ने कहा, "तुम पाँच-दस साल में मर जाओगी और...

ट्रेंडिंग न्यूज़

सभी समाचार