कुछ लोग सड़कों पर लगी हुई सबील (प्याऊ) या मस्जिद में रखे हुए कूलर वगैरह का पानी खड़े होकर पीते हैं, उनका यह अमल मकरूह-ए-तन्ज़ीही है, क्योंकि पानी बैठकर पीना चाहिए। हाँ! अगर भीड़-भाड़ की वजह से बैठने की जगह न हो, या कीचड़ की वजह से कपड़े खराब होने का अंदेशा हो, या इस तरह का कोई और उज़्र (मज़बूरी) हो, तो खड़े होकर पीना बिना कराहत के जायज़ होगा। (अहम मसाइल / जि: 5 / पृ: 269)