अक्सर किसी के आने के ठीक मौक़े पर लाइट चली जाती है, तो कहा जाता है कि ”आप आए तो लाइट गई“। यह बदफ़ाली (बुरा शकुन) है, जो शरीयत में जायज़ नहीं है। इसी तरह, जब कोई बात कहते हुए लाइट आ जाती है, तो कहा जाता है कि बात सही है, इसलिए लाइट आ गई। यह नेक फाल (अच्छा शकुन) है, जो शरीयत में जायज़ है। (अहम मसाइल / जि: 3 / पृ: 38)