मुहक्कक मसाला

अक्सर किसी के आने के ठीक मौक़े पर लाइट चली जाती है, तो कहा जाता है कि ”आप आए तो लाइट गई“। यह बदफ़ाली (बुरा शकुन) है, जो शरीयत में जायज़ नहीं है। इसी तरह, जब कोई बात कहते हुए लाइट आ जाती है, तो कहा जाता है कि बात सही है, इसलिए लाइट आ गई। यह नेक फाल (अच्छा शकुन) है, जो शरीयत में जायज़ है। (अहम मसाइल / जि: 3 / पृ: 38)

आपका मकाम और अल्लाह की मर्जी
लेख

आपका मकाम और अल्लाह की मर्जी

किसी बुजुर्ग ने क्या ही खूब फरमाया है: अगर तुम यह जानना चाहते हो कि अल्लाह के नजदीक तुम्हारा मकाम क्या है, तो देखो वह तुम्हें किस काम में व्यस्त (मशगूल) रखता है: अगर वह तुम्हें अपने ज़िक्र में व्यस्त रखे, तो जान लो कि वह तुम्हें याद रखना चाहता है। अगर तुम्हें कुरान में व्यस्त करे, तो सम...

ट्रेंडिंग न्यूज़

सभी समाचार