मुहक्कक मसाला

कुछ इलाक़ों में यह रिवाज होता है कि जिस औरत का कोई भाई नहीं होता, वह किसी अजनबी शख़्स को अपना मुंह बोला भाई बना लेती है; इसी तरह जिस आदमी की कोई बहन नहीं होती, वह किसी अजनबी औरत को अपनी मुंह बोली बहन बना लेता है, और इस मुंह बोले भाई या बहन को हक़ीक़ी भाई-बहन का दर्जा देकर उससे पर्दा भी नहीं किया जाता है, जबकि शरीयत में मुंह बोले भाई या बहन की कोई हैसियत नहीं है, वे अजनबी हैं, और उनसे पर्दा ज़रूरी है। (अहम मसाइल / जि: 6)

मृत्यु के बाद की तल्ख़ हक़ीक़त
लेख

मृत्यु के बाद की तल्ख़ हक़ीक़त

आपको दफ़नाकर वापस आते ही आपके परिजनों (घरवालों) का ध्यान रुख़सत होते हुए (जाने वाले) मेहमानों के खाने के बंदोबस्त की तरफ़ जाएगा कि उन्हें खाना खिलाकर रुख़सत करते हैं। एक हफ़्ता गुज़रेगा, आपके बच्चों के स्कूल वापसी का सिलसिला शुरू हो जाएगा। दो हफ़्ते गुज़रेंगे, अफ़सोस (शोक) करने वालों का आना-जा...

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