मुहक्कक मसाला

मकान और दुकान में क़ुरआनी आयात जैसे: 'हाज़ा मिन फ़ज़्लि रब्बी' वग़ैरह आवेज़ां करना (लटकाना) या लिखना मकरूह है, और अगर ऐसी जगह पर आवेज़ां करे जहाँ तस्वीरें हों या टीवी चलाया जाता हो, तो जायज़ नहीं है, क्योंकि इससे क़ुरआन की बे-हुर्मती होती है। (अहम मसाइल / जि: 2 / पृ: 251)

अल्लाह की मर्ज़ी अल्लाह ही जाने: एक इबरतअंगेज़ वाक़या
लेख

अल्लाह की मर्ज़ी अल्लाह ही जाने: एक इबरतअंगेज़ वाक़या

सामान से लदा हुआ एक बहरी जहाज़ (समुद्री जहाज़) महवे-सफ़र था कि तेज़ हवाओं की वजह से वह उलटने लगा। क़रीब था कि जहाज़ डूब जाता, उसमें मौजूद ताज़िरों (व्यापारियों) ने कहा कि बोझ हल्का करने के लिए कुछ सामान समंदर बुर्द (समुद्र में डालना) करते हैं। ताज़िरों ने मशविरा करके तय किया कि सबसे ज़्यादा सामान जि...

ट्रेंडिंग न्यूज़

सभी समाचार