मुहक्कक मसाला

जिस शादी में सेहरा बांधना, आतिशबाज़ी, फ़ोटोग्राफ़ी, वीडियो बनाना और दीगर (अन्य) रसूमात व खुराफ़ात (रीति-रिवाज़ और बुराइयां) हों, तो ऐसी शादी में शिरकत करना, ख़ास कर उन हज़रात उलमा के लिए जो मुक़्तदा (जिनकी पैरवी की जाती है) हों, और पहले से उन्हें इसका इल्म भी हो, दुरुस्त नहीं है। और अगर पहले से इसका इल्म नहीं था और हाज़िर हो गए, तो इन खुराफ़ात से रोक दें, और अगर रोकने की क़ुदरत नहीं तो वापस चले आएं, और शिरकत न करें। (अहम मसाइल / जि: 4 / पृ: 116)

मृत्यु के बाद की तल्ख़ हक़ीक़त
लेख

मृत्यु के बाद की तल्ख़ हक़ीक़त

आपको दफ़नाकर वापस आते ही आपके परिजनों (घरवालों) का ध्यान रुख़सत होते हुए (जाने वाले) मेहमानों के खाने के बंदोबस्त की तरफ़ जाएगा कि उन्हें खाना खिलाकर रुख़सत करते हैं। एक हफ़्ता गुज़रेगा, आपके बच्चों के स्कूल वापसी का सिलसिला शुरू हो जाएगा। दो हफ़्ते गुज़रेंगे, अफ़सोस (शोक) करने वालों का आना-जा...

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