मुहक्कक मसाला

आजकल मच्छर और हशरात यानी कीड़े-मकोड़े मारने के लिए लोग बिजली के करंट वाली मशीन इस्तेमाल करते हैं, अगर मच्छरों और दीगर हशरात को पकड़ कर इस मशीन में न डाला जाता हो, बल्कि मशीन लगा दी जाती हो और मज़्कूरा चीजें खुद-ब-खुद इसकी ज़द में आकर मर जाती हों, तो इसमें हरज नहीं, वरना मकरूह है। (अहम मसाइल / जि: 4 / पृ: 247)

पड़ोसियों का सम्मान और बेमिसाल सादगी:
लेख

पड़ोसियों का सम्मान और बेमिसाल सादगी:

हज़रत मौलाना सैयद असग़र हुसैन रहिमतुल्लाह अलैह (जो अपने मिलने वालों में हज़रत मियां साहब के नाम से मशहूर थे) दारुल उलूम देवबंद के उन उस्तादों में से थे जो शोहरत और नाम-ओ-नमूद (دکھاوے) से हमेशा कोसों दूर रहे। उन्होंने जीवन भर इस्लामी उलूम (ज्ञान) की तदरीस (शिक्षण) की सेवा की और हज़ारों छात्रों को अपन...

ट्रेंडिंग न्यूज़

सभी समाचार