आजकल मच्छर और हशरात यानी कीड़े-मकोड़े मारने के लिए लोग बिजली के करंट वाली मशीन इस्तेमाल करते हैं, अगर मच्छरों और दीगर हशरात को पकड़ कर इस मशीन में न डाला जाता हो, बल्कि मशीन लगा दी जाती हो और मज़्कूरा चीजें खुद-ब-खुद इसकी ज़द में आकर मर जाती हों, तो इसमें हरज नहीं, वरना मकरूह है। (अहम मसाइल / जि: 4 / पृ: 247)