अगर किसी दाने या फोड़े-फुंसी से पानी या पीप (मवाद) निकलकर बहे नहीं, बल्कि वहीं रुका रहे, और वह कपड़ों पर लग जाए, तो उससे कपड़ा नापाक नहीं होगा, अगरचे (भले ही) उसकी मिक़दार (मात्रा) एक दिरहम से ज़्यादा हो। (अहम मसाइल / जिल्द: 8 / सफ़ा: 82)
एक रियासत में एक बूढ़े शख़्स को रोटी चोरी करते हुए पकड़ा गया। इलाक़े के कुछ लोग उसे पकड़कर वक़्त के क़ाज़ी (जज) के पास ले गए। क़ाज़ी ने बूढ़े बाबा से काफ़ी सवाल किए, लेकिन बाबा ने कोई जवाब नहीं दिया।
आख़िरकार क़ाज़ी ने फ़ैसला इस तरह सुनाया:
"बाबा जी रोटी चोरी करने के जुर्म में एक दिरहम तंदूर के...