मुहक्कक मसाला

जूता पहन कर खाना खाना, जायज़ और दुरुस्त तो है लेकिन उतार कर खाना बेहतर है, क्योंकि हदीस शरीफ़ में वारिद है कि रसूलुल्लाह ﷺ ने फ़रमाया: "जब तुम्हारे सामने खाना रखा जाए और तुम खाने बैठो, तो अपने जूते उतार दो, क्योंकि जूते उतार देना पैरों के लिए बहुत राहत बख़्श है।" (अहम मसाइल / जि: 8 / पृ: 298)

बाबा जी की चार नसीहतें - दिलचस्प वाकया
लेख

बाबा जी की चार नसीहतें - दिलचस्प वाकया

उन दिनों जब मैं मदरसे में पढ़ता था। एक बाबा जी ज़्यादातर समय मस्जिद में गुज़ारते थे। हर समय किसी न किसी इबादत में व्यस्त रहते थे। यही मौसम था, सख्त सर्दी थी। मैंने देखा कि वह बर्फ जैसे ठंडे पानी से वज़ू कर रहे थे और मुस्कुरा रहे थे। मैं पहले तो उनकी अजीब मुस्कुराहट के जादू में खोया रहा। जब उनकी नज़र...