अगर वज़ू करने वाला वज़ू के वक़्त दुआएँ पढ़ रहा हो, तो उसे सलाम न किया जाए, और अगर यह मालूम हो कि दुआएँ नहीं पढ़ रहा है, तो उसे सलाम करने में कोई हर्ज नहीं। (फ़तावा महमूदिया 230/5, फ़तावा रहीमिया 124/1) (किताब-उन-नवाज़िल जिल्द: 15 / पृष्ठ: 241)
गवर्नर नजमुद्दीन अय्यूब काफी उम्र होने तक शादी से इनकार करते रहे। एक दिन उनके भाई असदुद्दीन शिरकोह ने उनसे कहा: "भाई, तुम शादी क्यों नहीं करते?"
नजमुद्दीन ने जवाब दिया: "मैं किसी को अपने काबिल नहीं समझता..."
असदुद्दीन ने कहा: "क्या मैं आपके लिए रिश्ता माँगूँ?"
नजमुद्दीन ने कहा: "किसका?"...