मुहक्कक मसाला

नमाज़ में सत्र छुपाने की मिक़दार

आदमी का सत्र नाफ़ से लेकर घुटने के नीचे तक है, जिसका नमाज़ में और नमाज़ के बाहर छुपाना वाजिब है, आदमी के सत्र की जो मिक़दार बयान की गई है फ़ुक़हा के नज़दीक यह आठ अज़ा (अंगों) पर मुश्तमिल है, अगर इनमें से किसी एक उज़ू (अंग) का चौथाई हिस्सा एक रुक्न, यानी तीन तस्बीहात पढ़ने की बक़द्र खुला रहा तो नमाज़ फ़ासिद होगी। (अहम मसाइल / जि: 1 / पृ: 34)

हे ईश्वर! मेरा नूर मुझे लौटा दे!!
लेख

हे ईश्वर! मेरा नूर मुझे लौटा दे!!

(नोट: इस घोषणापत्र के संबोधित व्यक्ति केवल शरिया विज्ञान (उलूम-ए-शरीयत) के छात्र हैं।) आरिफ़ों (अल्लाह की पहचान रखने वालों) ने शरिया के ज्ञान को इस तरह परिभाषित किया है कि यह अल्लाह का नूर (प्रकाश) है जो बंदे के सीने में रोशन हो जाता है। यह नूर दिल में चिराग की लौ की तरह पूरी तरह महसूस होता है। ब...

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