मुहक्कक मसाला

तकबीरे तहरीमा के बाद इरसाल (हाथ छोड़ना फिर बांधना) कैसा है?

बाज़ लोग तकबीरे तहरीमा कहने के बाद अपने दोनों हाथों को छोड़ देते हैं फिर बांधते हैं, जबकि अफ़ज़ल यह है कि तकबीरे तहरीमा कहने के बाद हाथ छोड़े बग़ैर बांध लें और यही क़ौले मुफ़्ता-बिही है।

इतिहास की सबसे शक्तिशाली माफ़ी (हज़रत अबू ज़र और हज़रत बिलाल का वाक़िया)
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इतिहास की सबसे शक्तिशाली माफ़ी (हज़रत अबू ज़र और हज़रत बिलाल का वाक़िया)

जब हज़रत अबू ज़र (रज़ियल्लाहु अन्हु) ने हज़रत बिलाल (रज़ियल्लाहु अन्हु) को कहा... "ऐ काली-कलूटी माँ के बेटे! अब तू भी मेरी ग़लतियाँ निकालेगा...?" बिलाल यह सुनकर ग़ुस्से और अफ़सोस से बेक़रार होकर यह कहते हुए उठे, "ख़ुदा की क़सम! मैं इसे ज़रूर ब-ज़रूर अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) के...

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