अब्बा जी बूढ़े हो गए थे और चलते-चलते दीवार का सहारा लेते थे। नतीजतन दीवारों का रंग खराब होने लग गया, जहां भी वह छूते थे वहां दीवारों पर उनकी उंगलियों के निशान छप जाते थे।
मेरी पत्नी को जब पता चला तो वह अक्सर गंदी दिखने वाली दीवारों के बारे में मुझसे शिकायत करती। एक दिन सर में दर्द हो रहा था तो अब...