"एक मार्गदर्शक (रहमा) शख्सियत से दुनिया महरूम हो गई।

आप ए...
Ummah Post
4 May, 2025

"एक मार्गदर्शक (रहमा) शख्सियत से दुनिया महरूम हो गई।

आप एक अज़ीम (महान) अल्लाह वाले, आशिक-ए-रसूल और खिदमत-ए-दीन (धर्म की सेवा) में हमेशा आगे रहने वाले बुज़ुर्ग थे। उम्मत के लिए उनका विसाल (निधन) एक बड़ा दीनी नुक़सान है।

अल्लाह तआला उनके दरजात बुलंद फ़रमाए और हमें उनके नक़्श-ए-क़दम पर चलने की तौफ़ीक़ अता फ़रमाए। आमीन।"

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पैदल चलते हुए मुताला (अध्ययन)
लेख

पैदल चलते हुए मुताला (अध्ययन)

अस्लाफ़ (पूर्वजों) के यहाँ शौक़-ए-मुताला (अध्ययन का शौक़) और समय के महत्व का यह आलम था कि पैदल चलते हुए भी किताब का मुताला जारी रहता। इब्न अल-आबनूसी कहते हैं कि अल्लामा ख़तीब बग़दादी ؒ पैदल चल रहे होते तो हाथ में किताब लिए उसका मुताला कर रहे होते। (सियर अलाम अन-नुबला, 18: 281) नह्व (व्याकरण) के ए...