"अध्ययन (مطالعہ) करने का भी एक तरीका होता है; जाहिर है हर ची...
Ummah Post
26 May, 2025

"अध्ययन (مطالعہ) करने का भी एक तरीका होता है; जाहिर है हर चीज़ पढ़ने के लायक नहीं होती है, और यह उधार की (अस्थायी) ज़िंदगी इस फिजूलखर्ची की इजाज़त नहीं देती है। ज़ेरे-नज़र (विचाराधीन) किताब इस विषय पर एक बेहतरीन चीज़ है। गूगल पर सर्च करके आप इसे पीडीएफ (PDF) के रूप में पढ़ सकते हैं 💓!!"

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इल्म का मंशूर: शरियत के विद्यार्थियों (तलबा) के लिए महत्वपूर्ण और इब्रतनाक नसीहतें (भाग दो)
लेख

इल्म का मंशूर: शरियत के विद्यार्थियों (तलबा) के लिए महत्वपूर्ण और इब्रतनाक नसीहतें (भाग दो)

बिस्मिल्लाह; रब्बी यस्सिर व अ'इन! (अल्लाह के नाम से; ऐ मेरे रब, आसानी फ़रमा और मदद कर!) नोट: इस मंशूर (घोषणापत्र) के मुखातिब (संबोधित लोग) सिर्फ उलूमे शरीयत (इस्लामी शास्त्र के ज्ञान) के तलबा (विद्यार्थी) हैं। इल्मे शरई (धार्मिक ज्ञान) को अल्लाह तआला ने 'कौले थक़ील' (एक भारी बात) क़रार दिया है। य...