"खुशबख्ती (सौभाग्य) की अलामत (निशानी) यह है; कि आप नेक अमाल (अच्छे कर्म) करें, और उनके कुबूल न होने से भी डरें; और बदबख्ती (दुर्भाग्य) की अलामत यह है; कि आप गुनाह भी करें, और निजात (मुक्ति) की उम्मीद भी रखें!"
अल्लाह पाक हमारा नाम भी उन खुशनसीबों में लिख दे... जो खुशबख्त हैं... और बदबख्ती से हमेशा महफूज़ (सुरक्षित) फरमाए। आमीन या रब्बल आलमीन 🤲🏻🕋🤲🏻