قد لا يكونُ الناصحُ كاملًا،
لكنّه يُهديكَ الجزءَ الذي ينقصُك!
"हो सकता है कि नसीहत करने वाला खुद मुकम्मल (पूर्ण) न हो, मगर वह तुम्हारी वह कसर पूरी कर जाए जो तुम्हारे अंदर बाकी हो।"
قد لا يكونُ الناصحُ كاملًا،
لكنّه يُهديكَ الجزءَ الذي ينقصُك!
"हो सकता है कि नसीहत करने वाला खुद मुकम्मल (पूर्ण) न हो, मगर वह तुम्हारी वह कसर पूरी कर जाए जो तुम्हारे अंदर बाकी हो।"