قد لا يكونُ الناصحُ كاملًا،
لكنّه يُهديكَ الجزءَ الذي ينقصُ...
Ummah Post
6 June, 2025

قد لا يكونُ الناصحُ كاملًا،

لكنّه يُهديكَ الجزءَ الذي ينقصُك!

"हो सकता है कि नसीहत करने वाला खुद मुकम्मल (पूर्ण) न हो, मगर वह तुम्हारी वह कसर पूरी कर जाए जो तुम्हारे अंदर बाकी हो।"

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अल्लाह की रहमत पर कामिल भरोसा
लेख

अल्लाह की रहमत पर कामिल भरोसा

हज़रत मौलाना मोहम्मद अशरफ़ अली थानवी रहमतुल्लाह अलैह जब कोई दुआ मांगते और आंख से कोई आंसू आता, तो हज़रत उन आंसुओं को अपने चेहरे पर मल लिया करते थे। एक बार एक छात्र (طالب علم) ने देख लिया। उसने कहा, "हज़रत! आपका यह अमल किस बिना पर (किस आधार पर) है?" फ़रमाया: "मैं उम्मीद करता हूँ कि अल्लाह तआला इन...