أُحِبُّ الصَّالِحِينَ وَلَسْتُ مِنْهُمْ.. لَعَلّ اللّٰهَ يَر...
Ummah Post
8 June, 2025

أُحِبُّ الصَّالِحِينَ وَلَسْتُ مِنْهُمْ.. لَعَلّ اللّٰهَ يَرْزُقُنِيْ صَلاَحَا

Share this article
ईमान कितनी बड़ी नेमत है
लेख

ईमान कितनी बड़ी नेमत है

हज़रत मौलाना पीर ज़ुल्फ़िकार अहमद नक़्शबंदी ने एक वाक़या सुनाया कि 1994 में जब समरक़ंद जाने का मौक़ा मिला, तो जामिया मस्जिद समरक़ंद में जुमा का ख़ुत्बा दिया। जुमा की नमाज़ के बाद कुछ नौजवान मेरे पास आए और कहने लगे, "हज़रत! आप हमारे घर तशरीफ़ ले चलें, हमारी वालिदा (माता जी) आपसे मिलना चाहती हैं।" मैं...