अगर किसी को अपना दुख सुनाना है,
तो मैं उपलब्ध हूँ...
छोटा...
Ummah Post
8 June, 2025

अगर किसी को अपना दुख सुनाना है,

तो मैं उपलब्ध हूँ...

छोटा दुख...... 400

बड़ा दुख........ 700

अगर साथ में रोना-पीटना भी है तो..... 1000

🫣😌😁

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पैदल चलते हुए मुताला (अध्ययन)
लेख

पैदल चलते हुए मुताला (अध्ययन)

अस्लाफ़ (पूर्वजों) के यहाँ शौक़-ए-मुताला (अध्ययन का शौक़) और समय के महत्व का यह आलम था कि पैदल चलते हुए भी किताब का मुताला जारी रहता। इब्न अल-आबनूसी कहते हैं कि अल्लामा ख़तीब बग़दादी ؒ पैदल चल रहे होते तो हाथ में किताब लिए उसका मुताला कर रहे होते। (सियर अलाम अन-नुबला, 18: 281) नह्व (व्याकरण) के ए...