शेख सादी की हिकमत (बुद्धिमत्ता)

शेख सादी ने कहा: "सिर्फ ए...
Ummah Post
9 June, 2025

शेख सादी की हिकमत (बुद्धिमत्ता)

शेख सादी ने कहा: "सिर्फ एक औरत ने मुझे निरुत्तर (पराजित) किया, जब उसने एक प्लेट को ढक रखा था। मैंने पूछा, 'प्लेट में क्या है?' तो उसने कहा, 'फिर हमने इसे ढका क्यों है?' उसके इस जवाब ने मुझे शर्मिंदा कर दिया।"

आज की हिकमत (सीख):

किसी भी छुपी हुई चीज़ को बेनकाब करने की कोशिश न करें। किसी इंसान का दूसरा रुख (पहलू) तलाश मत करें, चाहे आपको यकीन हो कि वह गलत है। यही काफी है कि वह आपकी इज्ज़त करे और अपने सबसे बेहतरीन पहलू से आपसे मिले।

हर इंसान के अंदर कुछ कमी या नकारात्मक पहलू होता है, यहाँ तक कि हमारे अपने अंदर भी। लोगों के राज़ों (रहस्यों) में व्यस्त होना पूर्वाग्रह और नाइंसाफी की राह हमवार (आसान) करता है। ज़िंदगी सुकून से बेहतर गुज़रती है जब हम दूसरों के सकारात्मक पहलुओं को देखते हैं।

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राजा और फ़कीर: एक शिक्षाप्रद घटना
लेख

राजा और फ़कीर: एक शिक्षाप्रद घटना

यह उस ज़माने की बात है जब दुनिया में बादशाहतें (राजशाही) क़ायम थीं और कई-कई मील पर फैली हुई रियासतों पर विभिन्न ख़ानदानों की हुकूमत हुआ करती थी। इसी दौर के एक बादशाह पर क़ुदरत मेहरबान हुई और उसके एक अक्लमंद वज़ीर और बहादुर सिपाहसालार की बदौलत उसकी सल्तनत वसीअ (विशाल) होती चली गई। इस बादशाह के पड़ोसी...