"क्या तुम्हें ग़ैरत (शर्म) नहीं आती?

लोग अल्लाह की तरफ तु...
Ummah Post
9 June, 2025

"क्या तुम्हें ग़ैरत (शर्म) नहीं आती?

लोग अल्लाह की तरफ तुमसे आगे निकल गए हैं, और तुम हो कि अभी तक अपनी शहवतों (वासनाओं/इच्छाओं) के पीछे घिसट रहे हो!

ऐ मिस्कीन (बेचारे), ज़रा होश के नाख़ून लो (होश में आओ)!

(अरबी से अनुवाद)"

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ईमान कितनी बड़ी नेमत है
लेख

ईमान कितनी बड़ी नेमत है

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