"जब हम अल्लाह की नहीं सुनते, तो वह हमारे हाथ में सब कुछ थमा...
Ummah Post
9 June, 2025

"जब हम अल्लाह की नहीं सुनते, तो वह हमारे हाथ में सब कुछ थमा कर हमें बे-सुकून (अशांत) कर देता है। फिर आपके पास सब कुछ होता है लेकिन सुकून नहीं होता। ❤️

'अल्लाह की मोहब्बत वह वाहिद (इकलौती) मोहब्बत है

जिसमें अगर तुम डूब जाओगे तो निजात (मुक्ति) पाओगे।'

अल्लाह की मोहब्बत वह वाहिद मोहब्बत है

जिसमें अगर तुम डूब जाओगे तो निजात पाओगे...!!

अपने रब के अलावा किसी से उम्मीद मत रखो।"

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झूठी उम्मीद और अधूरे वादे का घातक अंजाम
लेख

झूठी उम्मीद और अधूरे वादे का घातक अंजाम

एक आदमी कई रातें सख्त सर्दी में आराम से सोता रहा। एक दिन किसी राहगीर ने गुजरते हुए उससे कहा: "मैं तुम्हें एक गर्म रज़ाई लाकर दूंगा"!! वह राहगीर अपनी मंज़िल को चला गया और रज़ाई लाने का वादा भूल गया, बूढ़ा आदमी उसका इंतज़ार करते हुए सर्दी से मर गया। लोगों को उसकी लाश के पास एक लिखा हुआ पर्चा (नोट)...