एक आदत बनाएं
अपने माल (धन) के साथ-साथ अपनी क्षमताओं का भी सदका दें।
किसी को मुखलिसना (सच्ची) सलाह दें,
किसी का मुफ्त में काम कर दें,
किसी की कोई मुश्किल आसान कर दें,
किसी का दुख बांट लें,
और किसी की खुशी की वजह बन जाएं।
आपकी अपनी मुश्किलें, परेशानियां और बलाएं टलती जाएंगी।