"जब तक अपनी निजात (मुक्ति) का यक़ीन न हो, किसी गुनहगार का मज...
Ummah Post
11 June, 2025

"जब तक अपनी निजात (मुक्ति) का यक़ीन न हो, किसी गुनहगार का मज़ाक न उड़ाओ।"

— मौलाना रूमी (रहमहुल्लाह)

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मशहूर अरबी हिकायत: "सच के गवाह"

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