• इमाम शाफ़ई (रहमतुल्लाह अलैह) फ़रमाते हैं:

«मन् तअल्लमल...
Ummah Post
12 June, 2025

• इमाम शाफ़ई (रहमतुल्लाह अलैह) फ़रमाते हैं:

«मन् तअल्लमल क़ुरआना अज़ुमत क़ीमतुहु»

"जो क़ुरआन सीख लेता है, उसकी क़द्र-ओ-क़ीमत बढ़ जाती है।"

[मुख़्तसर अल-मुज़नी]

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इल्म का मंशूर: शरियत के विद्यार्थियों (तलबा) के लिए महत्वपूर्ण और इब्रतनाक नसीहतें (भाग दो)
लेख

इल्म का मंशूर: शरियत के विद्यार्थियों (तलबा) के लिए महत्वपूर्ण और इब्रतनाक नसीहतें (भाग दो)

बिस्मिल्लाह; रब्बी यस्सिर व अ'इन! (अल्लाह के नाम से; ऐ मेरे रब, आसानी फ़रमा और मदद कर!) नोट: इस मंशूर (घोषणापत्र) के मुखातिब (संबोधित लोग) सिर्फ उलूमे शरीयत (इस्लामी शास्त्र के ज्ञान) के तलबा (विद्यार्थी) हैं। इल्मे शरई (धार्मिक ज्ञान) को अल्लाह तआला ने 'कौले थक़ील' (एक भारी बात) क़रार दिया है। य...