*खूबसूरती सिर्फ लुक्स (looks) में नहीं है...!*
*खूबसूरती खु...
Ummah Post
12 June, 2025

*खूबसूरती सिर्फ लुक्स (looks) में नहीं है...!*

*खूबसूरती खुलूस (इमानदारी/मदद की भावना) में है...!*

*खूबसूरती इंसानियत की खिदमत (सेवा) में है...!*

*खूबसूरती खुद को जानकर रब के सामने झुकने में है...!*

*खूबसूरती दरगुज़र (माफ़ करने) में है...!*

*खूबसूरती रिश्तों को निभाने में है...!*

*खूबसूरती वालिदैन (माता-पिता) की खिदमत में है...!*

*खूबसूरती स्पाउस (spouse/जीवनसाथी) को मना लेने में है...!*

*खूबसूरती आपके अख़्लाक़ (अच्छे व्यवहार) में है।*

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एक ही सफ़ (कतार) में खड़े हो गए महमूद व अयाज़ (इस्लामी न्याय की मिसाल)
लेख

एक ही सफ़ (कतार) में खड़े हो गए महमूद व अयाज़ (इस्लामी न्याय की मिसाल)

इमाम अबू यूसुफ (रह.) खलीफा हारून रशीद के ज़माने में पूरे इस्लामी जगत के मुख्य न्यायाधीश (काज़ी-उल-कुज़ात) थे। एक बार उनके पास खलीफा हारून रशीद और एक ईसाई नागरिक का मुकदमा आया। इमाम ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला ईसाई के हक में सुनाया। इस तरह के सुनहरे और रोशन वाकयात इस्लामी इतिहास के प...