"ज़िंदगी बहुत अजीब है। 

हम किसी भी चीज़ के बिना आते हैं।...
Ummah Post
14 June, 2025

"ज़िंदगी बहुत अजीब है।

हम किसी भी चीज़ के बिना आते हैं।

फिर हम हर चीज़ के लिए लड़ते हैं।

फिर सब कुछ छोड़कर...

बिना किसी चीज़ के रुख़सत (विदा) हो जाते हैं।"

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एक रात की कहानी (हातिम ताई और यतीम बच्चे की सख़ावत)
लेख

एक रात की कहानी (हातिम ताई और यतीम बच्चे की सख़ावत)

एक आदमी ने हातिम ताई से पूछा: "ऐ हातिम! क्या सख़ावत (उदारता) में कोई तुमसे आगे बढ़ा है?" हातिम ने जवाब दिया: "हाँ! कबीला-ए-तय का एक यतीम (अनाथ) बच्चा मुझसे ज़्यादा सखी निकला, जिसका किस्सा कुछ यूँ है कि सफर के दौरान मैं रात बिताने के लिए उसके घर गया। उसके पास कुल दस बकरियां थीं। उसने एक बकरी ज़ुबह की...