समय पर निकाह (विवाह) के संबंध में हज़रत मौलाना मुफ़्ती तक़ी...
Ummah Post
14 June, 2025

समय पर निकाह (विवाह) के संबंध में हज़रत मौलाना मुफ़्ती तक़ी उस्मानी साहब के कथन:

........................ *निकाह* .........................

अगर बारह-तेरह साल में बच्चे-बच्चियां बालिग (वयस्क) हो रहे हैं और 25-30 साल तक निकाह नहीं हो रहा, तो वे यौन रोगी भी बनेंगे और गुनाह भी करेंगे।

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वक़्त पर निकाह होना औलाद का हक़ है। इसमें देरी करना माता-पिता को गुनाहगार बनाता है।

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हर अविवाहित युवा लड़का और लड़की एक-दूसरे की चाहत रखते हैं और यह एक प्राकृतिक (फ़ितरी) ज़रूरत है; इसलिए अपने बालिग बच्चे-बच्चियों के निकाह का बंदोबस्त करें।

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भूख और प्यास के बाद बालिग इंसान की तीसरी सबसे महत्वपूर्ण ज़रूरत यौन संतुष्टि है। और जब जायज़ ज़रिया न हो, तो बच्चा/बच्ची गुनाह और मानसिक बीमारियों का शिकार हो जाते हैं।

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दुर्भाग्य की पराकाष्ठा देखिए, स्कूलों और यूनिवर्सिटियों में बड़े-बड़े लड़के-लड़कियां बिना निकाह के शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं, और माता-पिता को निकाह की कोई परवाह ही नहीं।

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इंसान की यौन ज़रूरत का एकमात्र सम्मानजनक समाधान निकाह है। और अगर निकाह नहीं होगा तो व्यभिचार (ज़िना) आम होगा, यह एक सीधा और स्पष्ट निष्कर्ष है।

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अपनी बेटियों के सिर पर दुपट्टा डालने का मक़सद तब पूरा होगा जब उनका निकाह वक़्त पर होगा।

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अल्लाह तआला ने सामाजिक कार्यों में से निकाह को सबसे आसान रखा है।

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निकाह इंसानों का तरीक़ा है। जानवर बिना निकाह के रहते हैं और रह सकते हैं।

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माता-पिता अपनी औलाद पर रहम करें और समय पर निकाह का बंदोबस्त करें।

*यह कोई अश्लील पोस्ट नहीं है बल्कि एक सीख (درس) है जो हर माता-पिता की ज़रूरत है। यह निर्लज्जता को रोकने और अपने बच्चों को गुनाहों से बचाने का एक माध्यम है।* 💐

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