"दुआएं ज़रूर फ़ायदा पहुँचाती हैं, मगर उन्हीं को फ़ायदा पहुँच...
Ummah Post
15 June, 2025

"दुआएं ज़रूर फ़ायदा पहुँचाती हैं, मगर उन्हीं को फ़ायदा पहुँचाती हैं जो अज़्म-ओ-हिम्मत (संकल्प और साहस) रखते हैं; बे-हिम्मतों (कमज़ोर हौसले वालों) के लिए तो वे तर्क-ए-अमल (कर्म छोड़ देने) का हीला (बहाना) बन जाती हैं।"

— मौलाना अबुल कलाम आज़ाद

[गुबार-ए-ख़ातिर, पृष्ठ: 149]

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सुल्तान महमूद और चोरों की हिकायत
लेख

सुल्तान महमूद और चोरों की हिकायत

मौलाना रूमी ने सुल्तान महमूद गज़नवी का एक अजीब वाक़या लिखा है जो बड़ा इब्रत-खेज़ (عبرت خیز - शिक्षाप्रद) और सबक़-आमोज़ है। वह यह कि सुल्तान महमूद गज़नवी के ज़माने में चोरों का कुछ ज़ोर बढ़ गया था, और बादशाह इस वजह से परेशान था। चोरों को पकड़ने के लिए उसने एक अजीब तरकीब निकाली कि शाही लिबास उतारकर चो...