*महिलाओं के बारे में वो पांच बातें, जो अक्सर मर्दों को याद होती हैं:*
1- "إِنَّ كَيْدَكُنَّ عَظِيمٌ"
"बेशक तुम्हारी चाल बड़ी भारी है।" (महिलाओं की चाल बहुत ख़तरनाक होती है)।
2 - "مَثْنَىٰ وَثُلَاثَ وَرُبَاعَ"
"...दो-दो, तीन-तीन, चार-चार से।" (दो, तीन, चार महिलाओं से निकाह करो)।
3- "النساء ناقصات عقل و دين"
"महिलाएं बुद्धि और धर्म के मामले में नाक़िस (कमतर) होती हैं।" (उनके स्वभाव और विशेष छूट के संदर्भ में)।
4- "الرِّجَالُ قَوَّامُونَ عَلَى النِّسَاءِ"
"पुरुष महिलाओं पर क़व्वाम (संरक्षक और प्रबंधक) हैं।" (मर्द औरतों के सरबराह/ज़िम्मेदार हैं)।
5- "لِلذَّكَرِ مِثْلُ حَظِّ الأُنثَيَيْنِ"
"(विरासत में) एक मर्द का हिस्सा दो औरतों के बराबर है।"
*महिलाओं के बारे में वो पांच बातें जो अक्सर मर्दों को याद नहीं रहतीं......!!!*
1- "وَعَاشِرُوهُنَّ بِالْمَعْرُوفِ"
"और उनके साथ भलाई (अच्छे तरीक़े) के साथ जीवन बिताओ।"
2- "استوصوا بالنساء خيرا"
"महिलाओं के बारे में मेरी भलाई की वसीयत का ख़याल रखना।"
3- "رفقا بالقوارير"
"(महिलाएं कांच के बर्तनों की तरह नाज़ुक हैं) इन कांच के बर्तनों के साथ नर्मी से पेश आओ।"
4- "خيركم خيركم لأهله وأنا خيركم لأهلي"
"तुममें सबसे बेहतरीन वो व्यक्ति है जो अपने परिवार (अहल-ए-ख़ाना) के लिए सबसे अच्छा हो, और मैं अपने परिवार के लिए तुम सबमें सबसे बेहतर हूँ।"
5- "ما أكرمهن إلا كريم وما أهانهن إلا لئيم"
"महिलाओं का सम्मान वही करेगा जो खुद सम्माननीय (इज़्ज़तदार) होगा, और उनका अपमान वही करेगा जो खुद नीच (बेइज़्ज़त) होगा।"