*दस चीजें दस चीजों को खा जाती हैं।*
1. तौबा (पश्चातप) गुनाह को खा जाती है।
2. झूठ रिज़्क़ (आजीविका) को खा जाता है।
3. ग़ीबत (पीठ पीछे बुराई करना) अमल (नेक कामों) को खा जाती है।
4. ग़म (दुख) उम्र को खा जाता है।
5. सदक़ा (दान) बला (मुसीबत) को खा जाता है।
6. ग़ुस्सा अक़्ल (बुद्धि) को खा जाता है।
7. पशgeneric मानी (पछतावा/संकोच) सख़ावत (उदारता) को खा जाती है।
8. तकब्बुुर (अहंकार) इल्म (ज्ञान) को खा जाता है।
9. नेकी बदी (बुराई) को खा जाती है।
10. अद्ल (न्याय) ज़ुल्म (अत्याचार) को खा जाता है।