"उन लोगों में न हो जाना जो उलेमा (विद्वानों) का ज्ञान और बुद...
Ummah Post
16 June, 2025

"उन लोगों में न हो जाना जो उलेमा (विद्वानों) का ज्ञान और बुद्धिमानों के हकीमाना (बुद्धिमत्तापूर्ण) नुक्ते इकट्ठा करते रहते हैं, मगर अमल (आचरण) में जाहिलों के तौर-तरीकों पर चलते हैं!"

— हसन बसरी (रहमतुल्लाह अलैह)

[इह्या उलूम अद्-दीन]

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एक ही सफ़ (कतार) में खड़े हो गए महमूद व अयाज़ (इस्लामी न्याय की मिसाल)
लेख

एक ही सफ़ (कतार) में खड़े हो गए महमूद व अयाज़ (इस्लामी न्याय की मिसाल)

इमाम अबू यूसुफ (रह.) खलीफा हारून रशीद के ज़माने में पूरे इस्लामी जगत के मुख्य न्यायाधीश (काज़ी-उल-कुज़ात) थे। एक बार उनके पास खलीफा हारून रशीद और एक ईसाई नागरिक का मुकदमा आया। इमाम ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला ईसाई के हक में सुनाया। इस तरह के सुनहरे और रोशन वाकयात इस्लामी इतिहास के प...