इमाम शाफ़ई (रहमतुल्लाह अलैह) फ़रमाते हैं कि:

"जो व्यक्ति...
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16 June, 2025

इमाम शाफ़ई (रहमतुल्लाह अलैह) फ़रमाते हैं कि:

"जो व्यक्ति यह चाहता है कि अल्लाह तआला उसके दिल को खोले, उसे ज्ञान (इल्म) दे और हिकमत (बुद्धिमत्ता) अता करे, तो उसे चाहिए कि वह तन्हा (अकेला) रहे और कम खाए।

और वह मूर्खों (अहमक़ों) और ऐसे ज्ञानवानों (इल्म वालों) के साथ मिलने-बैठने से भी बचे जो न्याय (अद्ल) और शिष्टाचार (आदाब) नहीं जानते।"

[मनाक़िब अश्-शाफ़ई लिल-बैहक़ी: 2/172]

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लेख

फ़ितना-ए-क़ादियानियत का पस-मंज़र (संक्षेप में)

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