समझदार वह है जो हर छोटी बात का बतंगड़ (बड़ा) न बनाए। घर वालो...
Ummah Post
18 June, 2025

समझदार वह है जो हर छोटी बात का बतंगड़ (बड़ा) न बनाए। घर वालों, दोस्तों और पड़ोसियों की हर बात पर पकड़ न करे।

कभी-कभी खामोशी सबसे बेहतर जवाब होती है।

हर बात का हिसाब न लगाए, हर शब्द का मतलब न निकाले।

इंसान गलतियों का पुतला है, दरगुज़र (माफ़ करना) अपनाएं।

पत्नी के हर ख़र्च का इस तरह हिसाब न लो जैसे वह कोई कर्मचारी (मुलाज़िम) हो...

और पति के हर ख़र्च पर इस तरह शक न करो...

रह्म (दया), नरमी और सहनशीलता का दामन न छोड़ो।

यकीन मानिए कि हर चीज़ में छानबीन (बाल की खाल निकालने) करने वाला सुकून (शांति) से महरूम हो जाता है।

— इब्न अल-जौज़ी (रहमतुल्लाह अलैह)

[उद्धरण: तहज़ीब अल-कमल लिल-मिज़्ज़ी]

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