रिश्तों को अपने क़ाबू में करने के लिए...
वज़ाइफ़ (विशेष प्र...
Ummah Post
20 June, 2025

रिश्तों को अपने क़ाबू में करने के लिए...

वज़ाइफ़ (विशेष प्रार्थनाओं) या तावीज़ों की ज़रूरत नहीं है।

बल्कि उन रिश्तों से जुड़े रिश्तों का सम्मान (एहतराम) करना शुरू कर दें।

वे बिना मांगे ही सब कुछ क़ुर्बान कर देंगे।

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क़ुरआन का मोजिज़ा और एक अमेरिकी डॉक्टर का क़बूल-ए-इस्लाम
लेख

क़ुरआन का मोजिज़ा और एक अमेरिकी डॉक्टर का क़बूल-ए-इस्लाम

इस्लाम स्वीकार करने की यह घटना आश्चर्यजनक भी है और शिक्षाप्रद भी। आश्चर्यजनक इस दृष्टिकोण से कि क़ुरआन के अवतरण (نزول) को लगभग डेढ़ हज़ार साल का समय बीत जाने के बाद भी आज तक इस बिंदु पर किसी की नज़र नहीं जा सकी, जो एक अमेरिकी डॉक्टर के इस्लाम स्वीकार करने का कारण बनी। और शिक्षाप्रद इस पहलू से है कि अल्ल...