हर जुस्तजू (खोज) अबस (व्यर्थ) है जो तेरी जुस्तजू न हो,
दिल...
Ummah Post
23 June, 2025

हर जुस्तजू (खोज) अबस (व्यर्थ) है जो तेरी जुस्तजू न हो,

दिल संग-ओ-खिश्त (पत्थर और ईंट) है जो तेरी आरज़ू न हो।

— (मिर्ज़ा असदुल्लाह ख़ान ग़ालिब)

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क़ुरआन का मोजिज़ा और एक अमेरिकी डॉक्टर का क़बूल-ए-इस्लाम
लेख

क़ुरआन का मोजिज़ा और एक अमेरिकी डॉक्टर का क़बूल-ए-इस्लाम

इस्लाम स्वीकार करने की यह घटना आश्चर्यजनक भी है और शिक्षाप्रद भी। आश्चर्यजनक इस दृष्टिकोण से कि क़ुरआन के अवतरण (نزول) को लगभग डेढ़ हज़ार साल का समय बीत जाने के बाद भी आज तक इस बिंदु पर किसी की नज़र नहीं जा सकी, जो एक अमेरिकी डॉक्टर के इस्लाम स्वीकार करने का कारण बनी। और शिक्षाप्रद इस पहलू से है कि अल्ल...