एक अहम वज़ाहत (महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण):

जुमे के दिन क़ियाम...
Ummah Post
28 June, 2025

एक अहम वज़ाहत (महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण):

जुमे के दिन क़ियामत क़ायम होना तो सही अहादीस (प्रामाणिक हदीसों) से साबित है, लेकिन आशूरा यानी दस मुहर्रम को क़ियामत क़ायम होना किसी भी मोतबर रिवायत (विश्वसनीय प्रमाण) से साबित नहीं!

✍️... बंदा मुबीन उर रहमान

जामियातुल अबरार, मस्जिद अख्तर, गुलबर्ग ब्लॉक 11, कराची

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इल्म-ए-नाफ़े (लाभकारी ज्ञान) की निशानियां
लेख

इल्म-ए-नाफ़े (लाभकारी ज्ञान) की निशानियां

एक सवाल ज़हन में पैदा होता है कि इल्म-ए-नाफ़े (फ़ायदा पहुँचाने वाले ज्ञान) की अलामत (निशानी) क्या होती है? जी हाँ, नफ़ा (लाभ) देने वाला इल्म भी होता है। नबी अलैहिस्सलाम ने हमें दुआ सिखाई है: "ऐ अल्लाह! मैं पनाह माँगता हूँ ऐसे इल्म से जो नफ़ा न देता हो।" चुनाँचे इल्म-ए-नाफ़े की दो अलामतें (निशानियाँ)...