भरोसा वह नाज़ुक शीशा है जो एक बार टूट जाए, तो फिर कभी नहीं जुड़ता; और अगर कभी जुड़ भी जाए, तो चेहरे दो ही नज़र आते हैं। 😔
Ummah Post
भरोसा वह नाज़ुक शीशा है जो एक बार टूट जाए, तो फिर कभी नहीं जुड़ता; और अगर कभी जुड़ भी जाए, तो चेहरे दो ही नज़र आते हैं। 😔