बीवियों की संख्या का चार होना और उसकी हक़ीक़त:

शादी के चा...
Ummah Post
30 June, 2025

बीवियों की संख्या का चार होना और उसकी हक़ीक़त:

शादी के चार हुरूफ़ (अक्षर) हैं: श۔ा۔द۔ी

निकाह के चार हुरूफ़ हैं: न۔क۔ा۔ह۔ 😉

शौहर के चार हुरूफ़ हैं: श۔ौ۔ह۔र۔

बेगम के चार हुरूफ़ हैं: ब۔े۔ग۔म۔ 😂

बीवी के चार हुरूफ़ हैं: ब۔ी۔व۔ी۔

ज़ौजा के चार हुरूफ़ हैं: ज़۔ौ۔ज۔ा۔ ❤️

हिन्दी भाषा में भी 'पत्नी' के चार अक्षर हैं: प۔त्۔न۔ी۔ 🤭

'निसा' (महिलाएं) में भी चार हुरूफ़ हैं: न۔ि۔स۔ा۔ 🤫

और 'Wife' में भी चार अक्षर हैं: W۔I۔F۔E۔ 🤗

यहाँ तक कि इन सब नामों से बनने वाले लफ़्ज़,

'दुल्हन' में भी चार हुरूफ़ हैं: द۔ु۔ल۔्ह۔न۔ 🤔

इन सब की संख्या से इसी बात का इशारा मिलता है कि बीवियाँ चार ही होनी चाहिए। हाथ में भी चार उंगलियाँ और एक अंगूठा इसी बात की तस्दीक़ (पुष्टि) करता है। 😜

दिल के भी चार ख़ाने (चेंबर) हैं, हर एक ख़ाने में एक बीवी की तस्वीर होनी चाहिए। 🧐

ख़ैर सानू की (ख़ैर, हमें क्या)... 😢💔

अल्लाह तआला तमाम मर्दों की दिली मुराद पूरी फ़रमाए। आमीन 🤲

शादीशुदा हज़रात ज़रा एहतियात (सावधानी) से... क्योंकि 'डंडे' के हुरूफ़ भी चार हैं और 'जूते' के भी चार हुरूफ़ होते हैं! 😁

मुस्कुराते रहिए, मुस्कुराना सुन्नत है! 💖🥀

Share this article
हुज़ूर ﷺ का अपने साथियों के साथ सुलूक
लेख

हुज़ूर ﷺ का अपने साथियों के साथ सुलूक

हज़रत हुसैन बिन अली (रज़ियल्लाहु अन्हुमा) फ़रमाते हैं कि मैंने अब्बा जान सैयदुना अली (रज़ियल्लाहु अन्हु) से पूछा कि हुज़ूर ﷺ अपने हम-नशीनों (साथियों) के साथ कैसे रहते थे? आपने फ़रमाया: "आप ﷺ ख़ंदा-रू (हँसमुख), ख़ुश-अख़लाक़ (अच्छे आचरण वाले) और नर्म-ख़ू (नर्म स्वभाव के) थे। बद-अख़लाक़ी, सख़्त-मिज़ाजी...