ग़रीबी कूड़े-कचरे से भी रोटी ढूंढ लेती है।
अमीरी शौक़ से बर्तन में जूठा छोड़ देती है।
अफ़रोज़ ग़ुफ़िरलहू (अल्लाह उनकी मग़फ़िरत फ़रमाए)
10 मुहर्रम 1447 हिजरी
ग़रीबी कूड़े-कचरे से भी रोटी ढूंढ लेती है।
अमीरी शौक़ से बर्तन में जूठा छोड़ देती है।
अफ़रोज़ ग़ुफ़िरलहू (अल्लाह उनकी मग़फ़िरत फ़रमाए)
10 मुहर्रम 1447 हिजरी