सुब्हानल्लाह  ❤️

ग़ुस्ल-ए-काबा के प्रतिष्ठित समारोह का शु...
Ummah Post
9 July, 2025

सुब्हानल्लाह ❤️

ग़ुस्ल-ए-काबा के प्रतिष्ठित समारोह का शुभारंभ

ग़ुस्ल-ए-काबा एक अत्यंत आध्यात्मिक और महिमा से भरपूर कार्य है, जो हर साल दो बार किया जाता है। इस प्रक्रिया के दौरान बैतुल्लाह शरीफ़ (अल्लाह के घर) को खुशबुओं और पवित्र जल से धोया जाता है। 2025 के ग़ुस्ल-ए-काबा में निम्नलिखित विशिष्ट सामग्रियों का उपयोग किया जा रहा है:

40 लीटर ज़मज़म का पानी, जिसे चांदी के दो बड़े बर्तनों में रखा गया था।

ज़मज़म के पानी को खुशबू और पवित्रता बढ़ाने के लिए ताइफ़ के 540 मिलीलीटर गुलाब जल (अर्क-ए-गुलाब) के साथ मिलाया गया।

24 मिलीलीटर उच्च गुणवत्ता वाला ताइफ़ गुलाब का तेल (Rose Oil)।

24 मिलीलीटर हरमैन का विशेष ऊद का तेल (Oud Oil)।

3 मिलीलीटर कस्तूरी (Musk), जिसका उपयोग दीवारों और फर्श को सुगंधित करने के लिए किया गया।

ये सभी सामग्रियां अत्यंत उच्च गुणवत्ता की होती हैं और इनका चयन विशेष प्रबंधों और सम्मान के साथ किया जाता है ताकि बैतुल्लाह की महिमा और पवित्रता का नवीनीकरण किया जा सके।

Share this article
'तन्बीहुल ग़ाफ़िलीन' की नसीहतें और इब्रतनाक हिकायात
लेख

'तन्बीहुल ग़ाफ़िलीन' की नसीहतें और इब्रतनाक हिकायात

❶ एक ज़ाहिद (वैरागी) का क़िस्सा मंकूल (वर्णित) है कि वह रोटी के बिना सिर्फ़ सब्ज़ी और नमक वगैरह खा लेते थे। किसी ने कहा, "बस आप इसी पर गुज़ारा करते हैं?" उन्होंने फ़रमाया, "मैं अपनी दुनिया जन्नत (स्वर्ग) के लिए बना रहा हूँ और तू इसे बैतुल ख़ला (शौचालय) के लिए बनाता है। यानी, तू पसंदीदा खाने खाकर उन्...