फैसले ज़मीनों पर नहीं आसमानों पर होते हैं।
Ummah Post
16 July, 2025

फैसले ज़मीनों पर नहीं आसमानों पर होते हैं।

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हे ईश्वर! मेरा नूर मुझे लौटा दे!!
लेख

हे ईश्वर! मेरा नूर मुझे लौटा दे!!

(नोट: इस घोषणापत्र के संबोधित व्यक्ति केवल शरिया विज्ञान (उलूम-ए-शरीयत) के छात्र हैं।) आरिफ़ों (अल्लाह की पहचान रखने वालों) ने शरिया के ज्ञान को इस तरह परिभाषित किया है कि यह अल्लाह का नूर (प्रकाश) है जो बंदे के सीने में रोशन हो जाता है। यह नूर दिल में चिराग की लौ की तरह पूरी तरह महसूस होता है। ब...